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Showing posts from December, 2023

जीवनी:- डॉ.हनुमच्छरण पाठक(P.H.D in PHILOSOPHY)

 सत्य वाक्य है - यथा नाम तथा गुण  डा.हनुमच्छरण पाठक,  भगवान हनुमान के समान मेधा वाले हमारे महाभाग का जीवन श्रावण कृष्ण अष्टमी को तदनुसार   को उनके मामाग्राम दशरंगपुर मे अत्यन्त तीक्ष्ण मेधा के साथ हुआ जन्म के पश्चात् अपनी भूमी ग्राम मोहगांव मे बालपन व्यतीत करके कक्षा तृतीय उत्तीर्ण करने के पश्चात् पुन: मामा गांव मे उन्होने अपने जीवन के चार वर्ष अध्ययन में व्यतीत किए इसी बीच उन्हें संस्कृत भाषा के प्रति रुचि हुई तो वे दशरंगपुर से संस्कृताध्ययन हेतु ग्राम बोड़तरा में श्री चन्द्रदत्त शास्त्री जी के पास गए वहां उन्होंने तीन महीने में सीखने की विषय-वस्तु एक महीने मे ही पूर्ण कर ली ऐसी द्रुत गति देखकर शास्त्री जी ने हाथ खड़े कर दिए एवं उन्हें धमतरी में श्रीमान् हनुमान प्रसाद ब्रह्मचारी जी के समक्ष जा कर विद्या ग्रहण करने को कहा गुरु आज्ञा शिरोधार्य वे चले गए धमतरी, वहां भी तीन वर्ष की विषय-वस्तु को मात्र एक वर्ष भर मे समाप्त कर ब्रह्मचारी जी से बोले कि हमें और विस्तार से पढ़ाई करनी है तब ब्रह्मचारी के कथनानुसार वे वाराणसी चले गए (*BHU*) , वहां उन्होंने वैदिक व्याकरण ...